गोंदिया। चिकित्सा जगत में अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं जो न केवल चुनौतीपूर्ण होते हैं, बल्कि डॉक्टरों के कौशल और साहस की मिसाल भी बनते हैं। ऐसा ही एक मामला गोंदिया में सामने आया है, जहाँ दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अक्षत अग्रवाल और उनकी टीम ने एक ही बार में पूर्ण बेहोशी (General Anesthesia) देकर एक बालक के 14 दांतों का सफल ऑपरेशन किया।
जटिलता और चुनौती
बालाघाट जिले का निवासी यह बालक बचपन से ही मिर्गी (Epilepsy) की बीमारी से ग्रसित था। सामान्यतः दांतों के इलाज (आरसीटी, कैपिंग, फिलिंग और दांत निकालना) में तीन से चार महीने का समय लगता है और मरीज को बार-बार क्लिनिक आना पड़ता है। बालक की विशेष स्थिति और 'हाई मेडिकल रिस्क' को देखते हुए डॉ. अग्रवाल ने इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया।
एक ही सत्र में संपूर्ण उपचार
डॉ. अक्षत अग्रवाल ने अपनी टीम के साथ मिलकर मात्र 4 घंटे के भीतर बालक के पूरे मुंह का ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न किया। इस दौरान आर.सी.टी., कैपिंग, फिलिंग, दांतों को शेप देना और खराब दांतों को निकालने जैसे तमाम काम एक साथ किए गए।
टीम वर्क और विशेषज्ञता
यह जटिल ऑपरेशन डॉ. चंद्रशेखर राणा के ऑपरेशन थिएटर में विशेषज्ञों की कड़ी निगरानी में हुआ। इस टीम में शामिल थे:
- बाल रोग विशेषज्ञ: डॉ. पियुष जायस्वाल
- एनेस्थीसिस्ट: डॉ. महेश भोयर
- दंत चिकित्सक टीम: डॉ. नेहा छतानी और डॉ. श्रृतिका खाडे
- सहायक: टिकेश मेश्राम और शबाना सैय्यद
दिव्यांग बच्चों के लिए उम्मीद की किरण
आमतौर पर बड़े महानगरों के विशेषज्ञ भी पूर्ण बेहोशी के साथ दंत चिकित्सा करने से कतराते हैं, जिसके कारण मानसिक रूप से अक्षम (Mentally Retired) और दिव्यांग बच्चे इलाज से वंचित रह जाते हैं। डॉ. अक्षत अग्रवाल ने गोंदिया जैसे शहर में ऐसे कई सफल ऑपरेशन कर इन मरीजों के लिए एक नई राहत प्रदान की है।
'भारत स्माइल' व 'किड्स एवं फैमिली डेंटल सेंटर' के डायरेक्टर डॉ. अक्षत अग्रवाल द्वारा किया गया यह सफल ऑपरेशन दंत चिकित्सा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हुआ है।
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