गोंदिया: मोबाइल आज के दौर में सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी और यादों का खजाना है। गोंदिया पुलिस ने 'पुलिस स्थापना सप्ताह' के अवसर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए जिले के 389 नागरिकों को उनके खोए हुए मोबाइल वापस लौटाकर एक अनूठा उपहार दिया है।
तकनीक और खुफिया तंत्र का सफल तालमेल
पुलिस विभाग ने गुमशुदा मोबाइलों को खोजने के लिए केंद्र सरकार के CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल का प्रभावी उपयोग किया। स्थानीय अपराध शाखा और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने वैज्ञानिक पद्धतियों और खुफिया जानकारी की मदद से इन 389 हैंडसेट्स को ट्रैक किया, जिनकी कुल बाज़ार कीमत 53 लाख रुपये आंकी गई है।
क्षेत्रवार रिकवरी और वितरण का लेखा-जोखा
पुलिस स्थापना दिवस (7 जनवरी) के शुभ अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रमों में पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के हाथों ये मोबाइल सौंपे गए:
| उपविभाग | मोबाइल की संख्या | कुल अनुमानित कीमत |
| गोंदिया उपविभाग | 226 मोबाइल | ₹29 लाख |
| देवरी उपविभाग | 114 मोबाइल | ₹17 लाख |
| तिरोड़ा उपविभाग | 49 मोबाइल | ₹07 लाख |
| कुल योग | 389 मोबाइल | ₹53 लाख |
इन अधिकारियों के नेतृत्व में मिली सफलता
इस बड़े अभियान को पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे, अपर पुलिस अधीक्षक अभय डोंगरे के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। इसमें उपविभागीय पुलिस अधिकारी साहिल झरकर (तिरोड़ा), विवेक पाटिल (देवरी) और स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक पुरुषोत्तम अहेरकर सहित पूरी पुलिस टीम का विशेष योगदान रहा।
जब मालिकों की आंखें भर आईं...
पुलिस मुख्यालय में जब मोबाइल मालिकों को उनके फोन वापस मिले, तो कई लोग भावुक हो गए। नागरिकों ने गोंदिया पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि खोया हुआ मोबाइल कभी वापस मिल पाएगा।
पुलिस की अपील: यदि आपका मोबाइल गुम हो जाए, तो तत्काल CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें और नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें ताकि तकनीकी खोज शुरू की जा सके।

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