गोंदिया (महाराष्ट्र): स्थानीय अपराध शाखा (LCB) और साइबर सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन ठगी और अवैध बैंकिंग लेन-देन के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा निवासी दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो होटल के एक कमरे में बैठकर भोले-भाले लोगों के बैंक खातों के जरिए करोड़ों का काला कारोबार चला रहे थे।
कैसे हुआ खुलासे का 'ऑपरेशन'?
१५ जनवरी को स्थानीय अपराध शाखा को गश्त के दौरान गुप्त सूचना मिली कि कुड़वा नाका (तिरोड़ा रोड) स्थित 'होटल आर्चिड' के एक कमरे में संदिग्ध गतिविधियाँ चल रही हैं। सूचना के मुताबिक, कुछ बाहरी लोग स्थानीय निवासियों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर ऑनलाइन धोखाधड़ी का जाल बुन रहे हैं।
खबर मिलते ही क्राइम ब्रांच ने होटल में दबिश दी, जहाँ दो युवक पिछले दो दिनों से ठहरे हुए थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
* शेख आसिफ शेख अहमद (२७, निवासी: राजेंद्रनगर, दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़)
* सचिनकुमार संतोष पटेल (२२, निवासी: गांधी वार्ड, दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़)
मोडस ऑपेरंडी: लालच देकर खरीदते थे 'ईमान'
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि वे स्थानीय गरीब और जरूरतमंद लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। खाता खुलने के बाद, वे खाताधारक का सिम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और पूरी किट अपने कब्जे में ले लेते थे।
इन खातों का उपयोग ऑनलाइन गेमिंग से प्राप्त अवैध धन को सुरक्षित ठिकाने लगाने और मनी लॉन्ड्रिंग (लेन-देन) के लिए किया जाता था।
जब्त किया गया सामान
पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामग्री बरामद की है:
* बैंक ऑफ इंडिया का एक करंट अकाउंट किट (स्थानीय व्यक्ति के नाम पर)।
* चेकबुक और एक्टिवेटेड सिम कार्ड।
* ३ हाई-टेक एंड्रॉइड स्मार्टफोन।
* कुल ३२ हजार रुपये का अन्य माल।
> पुलिस की अपील: नागरिक किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसों के लालच में अपना आधार कार्ड, बैंक विवरण या सिम कार्ड न दें। आपके खाते का उपयोग आतंकी फंडिंग या बड़े साइबर अपराधों में किया जा सकता है, जिसके लिए खाताधारक को जेल जाना पड़ सकता है।
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