गोंदिया। शहर में पिछले कुछ दिनों में लगातार हुई तीन अप्रिय घटनाओं ने सांप्रदायिक और सामाजिक तनाव बढ़ा दिया है। मुस्लिम युवकों द्वारा सिंधी समाज की युवतियों और महिलाओं को निशाना बनाने के प्रयासों के आरोपों के बाद, संपूर्ण सिंधी समाज और सकल हिंदू समाज सड़क पर उतर आया है।
घटना का मुख्य कारण
विवाद की शुरुआत 20 जनवरी को हुई, जब सिंधी कॉलोनी स्थित एक घर में घुसकर एक मुस्लिम युवक ने युवती और उसके परिवार के साथ गाली-गलौज की, मारपीट का प्रयास किया और उन पर अनुचित दबाव बनाया। इस घटना के बाद से ही समाज के भीतर गहरा रोष व्याप्त था।
बाजार बंद और एकजुटता का प्रदर्शन
सिंधी जनरल पंचायत के अध्यक्ष दरयानोमल आसवानी के नेतृत्व में 21 जनवरी को एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि:
* 22 जनवरी को सिंधी समाज के सभी व्यापारी अपने प्रतिष्ठान और कारोबार पूर्णतः बंद रखेंगे।
* दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
हजारों की संख्या में उमड़ा जनसैलाब
22 जनवरी की सुबह से ही 'बंद' का व्यापक असर देखा गया। समाज के हजारों लोग संत कंवरराम मंदिर में एकत्रित हुए। यहाँ से लगभग 3 से 4 हजार लोगों का विशाल मोर्चा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए नगर पुलिस थाने पहुँचा। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई।
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, की ये मांगें:
सिंधी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक, जिलाधीश, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर निम्नलिखित मांगें रखीं:
* कड़ी कानूनी कार्यवाही: आरोपी के खिलाफ दर्ज FIR पर त्वरित और सख्त एक्शन लिया जाए।
* सुरक्षा की गारंटी: पीड़ित परिवार को तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि वे भयमुक्त रह सकें।
* पुलिस गश्त: सिंधी कॉलोनी और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की नियमित गश्त (Patrolling) बढ़ाई जाए।
वर्तमान स्थिति: पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात किया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
Post a Comment